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प्री-स्कूल में छात्र ट्रैकिंग कैसे की जाती है?

छात्र ट्रैकिंग कोई अलग काम नहीं है; यह दिन में पहले से किए जा रहे कामों का रिकॉर्ड है। हम बताते हैं कि ये रिकॉर्ड किस क्रम में और कहाँ रखे जाते हैं।

Anaokulu sınıfında etkinlik yapan çocuklar

प्री-स्कूल में छात्र ट्रैकिंग में क्या-क्या शामिल है?

प्री-स्कूल में छात्र ट्रैकिंग का अर्थ है बच्चे के दिन से जुड़े रिकॉर्ड का एक ही फाइल में जमा होना: कौन आया, क्या खाया, कितनी देर सोया, किस गतिविधि में शामिल हुआ, शिक्षक ने क्या देखा, और स्वास्थ्य की दृष्टि से ध्यान देने योग्य कुछ है या नहीं।

अलग-अलग रखे जाएँ तो इनमें से कोई भी रिकॉर्ड अकेले कुछ नहीं बताता। एक ही रिकॉर्ड से जुड़े होने पर उपस्थिति, विकास और संवाद का इतिहास अवधि के अंत में साथ पढ़े जा सकते हैं।

ट्रैकिंग से शिक्षक पर नया काम नहीं आना चाहिए

अच्छी तरह बना प्री-स्कूल ट्रैकिंग प्रोग्राम शिक्षक पर नया काम नहीं डालता; वह पहले से हो रहे काम का रिकॉर्ड दिन के भीतर ही ले लेता है। उपस्थिति कक्षा सूची से एक टच में और भोजन व नींद हर बच्चे के लिए चिह्नित कर दर्ज होती है।

दिन के अंत में अलग रिपोर्ट नहीं लिखी जाती। दिनभर दर्ज किए गए रिकॉर्ड ही सारांश बन जाते हैं; शिक्षक केवल अपनी टिप्पणी जोड़ता है।

एक दिन के रिकॉर्ड का क्रम

प्री-स्कूल छात्र ट्रैकिंग सिस्टम में दिन आमतौर पर इसी क्रम में दर्ज होता है:

  • सुबह की उपस्थिति: आया, नहीं आया, देर से और अवकाश अलग-अलग दर्ज होते हैं।
  • गतिविधि और अवलोकन: नियोजित गतिविधि, अवलोकन टिप्पणी और तस्वीरें दैनिक क्रम में जुड़ती हैं।
  • भोजन: नाश्ता, दोपहर का भोजन और शाम का आहार हर बच्चे के लिए चिह्नित होता है।
  • नींद: विश्राम की अवधि दर्ज होती है और दिन के अंत की रिपोर्ट में दिखती है।
  • विकास: मासिक कार्यक्रम, बुलेटिन और शिक्षक के अवलोकन छात्र रिकॉर्ड से जुड़े रहते हैं।
  • दिन के अंत का सारांश: सभी रिकॉर्ड एक सारांश में जुड़कर अभिभावक तक पहुँचते हैं।

किंडरगार्टन अनुवर्ती कार्यक्रम ऐप में इस क्रम का स्वरूप और शिक्षक की स्क्रीन।

कौन क्या देख सके?

ट्रैकिंग डेटा सबके लिए खुला नहीं होना चाहिए। शिक्षक केवल अपनी जिम्मेदारी वाली कक्षाओं का रिकॉर्ड दर्ज और देखता है; प्रधान संस्था भर का डेटा रिपोर्ट और निरीक्षण स्क्रीन से देखता है; अभिभावक केवल अपने बच्चे के दैनिक क्रम तक पहुँचते हैं।

यह विभाजन न हो तो ट्रैकिंग सिस्टम कुछ समय बाद एक साझा नोटबुक बन जाता है और डेटा की जिम्मेदारी उठाई नहीं जा सकती।

बालवाड़ी उपस्थिति प्रणाली वह भाग जहाँ उपस्थिति दर्ज और रिपोर्ट होती है।

पिछले दिनों का रिकॉर्ड देखना क्यों जरूरी है?

अभिभावक बैठक या अवधि के मूल्यांकन में जिसकी जरूरत होती है वह एक दिन का रिकॉर्ड नहीं, बल्कि कई महीनों का रुझान है। यदि छात्र रिकॉर्ड से जुड़ा दैनिक क्रम तारीख चुनकर देखा जा सके, तो अवलोकन धारणा के बजाय रिकॉर्ड पर टिकता है।

संस्था की ओर भी यही रिकॉर्ड अवधि की उपस्थिति और कक्षा भराव रिपोर्टों में बदल जाते हैं; इसके लिए अलग से रजिस्टर गिनने की जरूरत नहीं रहती।

छात्र ट्रैकिंग में असली सवाल यह नहीं कि किसे पता था, बल्कि यह कि जानकारी कहाँ दर्ज है। जानकारी शिक्षक के मन में नहीं, छात्र के रिकॉर्ड में होनी चाहिए।